धार। शहर में संचालित सत्य साईं हॉस्पिटल जो कि पहले ओम साइ राम के नाम से संचालित था, उसको अमानक पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कार्रवाई करते हुए उसका पंजीयन निरस्त कर दिया गया था। बाद में पुनः उसी के संचालक द्वारा दस्तावेजों में हेर फेर कर अनुमति ली गई और पुनः नियम विरुद्ध चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चिकित्सालय के पंजीयन में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं उन व्यक्तियों में से एक दो ही व्यक्ति वहां पर मौजूद होंगे बाकी सब जैसे गधे के सिर पर से सिंग गायब हो जाते हैं उसी तरीके से गायब हैं या यूं कहे कि उन लोगों ने कभी वहां पर कार्य किया ही नहीं।
सूचना के अधिकार अधिनियम से प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक उक्त चिकित्सालय सत्य साइ में दस्तावेजी खेल बखूबी खेला गया है। स्वास्थ्य विभाग पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है कि क्या उन्होंने सिर्फ प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर अनुमति प्रदान कर दी या फिर मैदानी स्तर पर जाकर निरीक्षण भी किया
जल्द ही हम दस्तावेजों के अनुरूप सत्य साइ अस्पताल की सच्चाई को जनता के सामने लाएंगे।

संबंधित समाचार ---
सकल पंच रजक समाज की वार्षिक बैठक एवं मीडिया प्रभारी की नियुक्ति
लाभ-शुभ के चलते प्रभावित कार्यवाही, पटवारी ने CM हेल्पलाइन पर डाला अनर्गल जवाब
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर गलत इंट्री कर किया जा रहा मरीजों की जान से खिलवाड़