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ASI के सर्वे में सम्मिलित नहीं करने से याचिका कर्ताओं में आक्रोश

धार। भोजशाला मां सरस्वती मंदिर के सर्वे का आज तीसरा दिन। आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम के द्वारा भोजशाला में वैज्ञानिक तकनीकी से सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के लिए जिन याचिका कर्ताओं ने याचिका दायर की थी उन लोगों को सर्वे में सम्मिलित नहीं किया जिससे उन लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

भोजशाला में ASI सर्वे के दौरान सम्मिलित रहने को लेकर मुख्य याचिका (10484/2022) के याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी द्वारा 22 मार्च को इंदौर हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसकी सुनवाई लंबित है।

भोजशाला को लेकर मुख्यतः दो मुकदमे 2022 में दायर किए गए थे जिसमें माननीय इंदौर हाईकोर्ट द्वारा मुकदमा संख्या 10484/2022 मुख्य मुकदमा बनाया गया और इस मामले से सम्बन्धित अन्य सभी मामले मुख्य मुकदमे से कनेक्ट कर दिए गए।

Petitioners are angry for not being included in the ASI survey

मु. सं. 10484/2022 और 10497/2022 दोनों ही मुकदमे एक विशेष प्रयोजन को लेकर अलग-अलग नामों से एक ही दिन फाइल हुए।

ASI सर्वे के दौरान सभी मुकदमों के वादियों को सम्मिलित किया जाना चाहिए था। परंतु ऐसा नहीं किया गया। मुख्य वाद होने के कारण 10484/2022 के याचिकाकर्ताओं को सर्वे के दौरान उपस्थित रहना न्यायसंगत एवं आवश्यक है।

विशेष बात यह है कि इस याचिका की प्रार्थना में ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे सम्बंधित मांग की गई है, और अभी तक के सारे ऑर्डर्स इसी याचिका में किए जा रहे थे। क्या तब भी याचिकाकर्ताओं की अनुपस्थिति में सर्वे कराया जाना न्यायसंगत एवं उचित है ?

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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