धार। जिले के नालछा जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बांग्ला बिलोद में बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना घटित हुई। जहां एक मासूम 3 वर्ष की बच्ची और उसके परिवार पर आई यह विपत्ति सचमुच परेशान करने वाली है, खासकर तब जब खेती-किसानी के इस व्यस्ततम समय में एक गरीब किसान परिवार को इस तरह की आपदा का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि बांग्ला बिल्लोद में घर के सामने खेल रही 3 वर्ष की मासूम नन्ही परी हितांशी पिता आनंद जाट पर एक आवारा स्वान (कुत्ते) के द्वारा हमला कर दिया गया। हमला इतना गंभीर था कि बच्ची पूरी तरह लहू-लूहान हो गई, कई जगह गंभीर घाव भी हुए हैं। स्वान के द्वारा इस हमले से घायल बच्ची को उपचार के लिए धार लाया गया धार में बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत इंदौर उपचार हेतु रेफर किया गया। बच्ची का अभी इंदौर के चिकित्सालय में उपचार जारी है।
बच्ची अभी भी जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है, वहीं परिवार पूरी तरह से हमले के बाद सदमे में है।
परिजनों का कहना है कि क्या प्रशासन की ओर से आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान न देना और नसबंदी (Animal Birth Control) में देरी वाकई आम जनता की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा है।
चूंकि बच्ची को धार से इंदौर रेफर किया गया है और उसकी हालत नाजुक है, इस समय सबसे पहली प्राथमिकता बच्ची को सही और त्वरित इलाज की है। रेबीज का खतरा और गहरे घावों का संक्रमण बढ़ने से रोकना जरूरी हो जाता है।
मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों के आतंक और प्रशासनिक लापरवाही की शिकायत तुरंत 181 पर दर्ज कराएं। इससे मामले की सीधे मॉनिटरिंग होती है।
रेडक्रॉस या जिला सहायता कोष से आर्थिक मदद: पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और किसान है, इसलिए वे धार या इंदौर के जिला कलेक्टर (District Collector) से मिलकर ‘रेडक्रॉस सोसाइटी’ या ‘मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान’ के तहत इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगा सकते हैं।


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