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सिर पर रामायण रखकर नंगे पैर पैदल यात्रा करने वाले संत का सपना पूरा

राजगढ़ के संत सिर पर रामायण रखकर नंगे पैर पैदल यात्रा करने वाले संत संता सज्जन सिंह बारोड (राजपूत) का राम मंदिर निर्माण का सपना अब हो रहा पूर्ण।

सरदारपुर/धार। मध्य प्रदेश के धार जिले की सरदारपुर तहसील राजगढ़ नगर के श्री राम भक्त संत संता सज्जन सिंह बारोड ने वर्ष 1996 मे गुरु देव पंडित कमल किशोर जी नागर की भागवत कथा से प्रभावित होकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः को अपना मूल मंत्र मानकर बद्रीनाथ, केदारनाथ ओर गोकुल – मथुरा अयोध्या नगरी में नंगे पैर सिर पर रामायण रख पैदल यात्रा की थी, भव्य राम मंदिर निर्माण उनका सपना था, जो अब हो रहा है पूरा।

आपको बता दे संत ने सैकड़ों बार तीर्थ यात्रा की है साथ ही उनके नाम पूरे भारत भ्रमण का भी रिकार्ड है, उन्होने सभी तीर्थ स्थलो के दर्शन कर लाभ प्राप्त किया। उनकी आन्तरिक इच्छा थी की वो मानसरोवर बाबा भोलेनाथ के भी दर्शन करे इसी भावना के साथ वो घर से निकल भी गए थे, किन्तु कागजी कार्यवाही पासपोर्ट – वीजा अपूर्ण होने के कारण उनको भारत – चीन की बोड़र से वापस निराशा के साथ घर की ओर लोटना पड़ा।

The dream of the saint who traveled barefoot with Ramayana on his head fulfilled
The dream of the saint who traveled barefoot with Ramayana on his head fulfilled.

वर्ष 1996 मे तहसील कार्यालय सरदारपुर से संत को प्रमाण पत्र क्र्मांक 772/री -1 /1996 को दिनांक 23/02/1996 को प्राप्त हुआ। जिसमे उनकी यात्रा का जिक्र है, उनकी राम मन्दिर निर्माण को लेकर कई बार वार्तालाप मे कहते थे की एक दिन बनेगा आज वो इस दुनिया मे नहीं है, उनका दिनांक 01/10/2016 को प्रभु मिलन हो गया, किन्तु उनका यह सपना पूरा हो रहा है। जिससे उनके अनुयाई भक्त एवं उनके परिजन गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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