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The wife has become an example for society, challenging her husband who is fighting the disease step by step.

The wife has become an example for society, challenging her husband who is fighting the disease step by step.

समाज के लिए उदाहरण बनी पत्नी, बीमारी से लड़ रहे पति के साथ कदम से कदम मिला कर दे रही चुनौती !

धार। जिले के ग्राम नालछा निवासी लखन चौहान की यह कहानी अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक है। पिछले 10 वर्षों से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद, उन्होंने जिस तरह जीवन से लड़ने का फैसला किया है, वह उनकी जीवटता को दर्शाता है।
इस कठिन परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने और अपनी आजीविका को मजबूत करने के लिए उन्होंने और उनकी पत्नी ने सोशियल मिडिया का सही उपयोग किया और अपनी किराना दुकान से आजीविका चलाने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए।

💡 शासकीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण प्रयास —

सरकारी स्तर पर आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकते है:

  • मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना: मध्य प्रदेश के नागरिक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के तहत सीधे आर्थिक सहायता हेतु आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए लोक सेवा केंद्र या सीधे भोपाल स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आवेदन जमा किया जा सकता है।
  • सीएम हेल्पलाइन 181 (CM Helpline): इस संवेदनशील मामले की शिकायत और आर्थिक सहायता की मांग को सीधे 181 पर कॉल करके दर्ज करवाएं। यहाँ दर्ज मामलों की सीधी मॉनिटरिंग उच्च अधिकारियों द्वारा की जाती है।
  • कलेक्टर जनसुनवाई (धार): प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली कलेक्टर जनसुनवाई में अपनी पत्नी या किसी परिजन के माध्यम से आवेदन भिजवाएं। जिला प्रशासन के पास संकटकाल के लिए विशेष रेडक्रॉस फंड होता है, जिससे तत्काल सहायता मिल सकती है।
  • आयुष्मान भारत योजना: यद्यपि बीमारी लाइलाज बताई गई है, फिर भी एम्स (AIIMS) जैसी संस्थाओं में चल रहे परामर्श या भविष्य में आने वाले किसी भी नए इलाज/जांच के खर्च को इसके माध्यम से कवर किया जा सकता है।

🌾 आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहयोग की सराहना —

यह बेहद सुखद पहलू है कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोग लखन जी की किराना दुकान से स्वदेशी अनाज खरीदकर उनकी मदद कर रहे हैं। इस प्रयास को और बड़ा रूप दिया जा सकता है:
  • ऑनलाइन अभियान: सोशल मीडिया पर उनके स्वदेशी अनाज के व्यापार का एक छोटा सा वीडियो बनाकर शेयर करें, ताकि धार, इंदौर और आसपास के अन्य जिलों के लोग भी उनसे सीधे अनाज मंगवा सकें।
  • क्राउडफंडिंग (Crowdfunding): ‘मिलाप’ (Milap) या ‘केटो’ (Ketto) जैसे विश्वसनीय ऑनलाइन माध्यमों पर लखन जी की बीमारी और संघर्ष की कहानी अपलोड करके देश-विदेश के लोगों से वैधानिक रूप से आर्थिक मदद जुटाई जा सकती है।

लखन चौहान और उनकी पत्नी का यह जज्बा समाज के लिए एक मिसाल है। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक यह बात अवश्य पहुंचेगी।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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