आलोट/उज्जैन। श्री गंगानगर में 13 वर्ष की मासूम के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना जब दिल्ली में निर्भया के साथ बर्बरता हुई तब सरकार फांसी का कानून पास करतीं तो फ़िर आज गंगानगर जैसी घटना ना होती, 13 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ कई दिनों तक हुई कठिन दरिंदगी की घटना ने पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है!
नारी प्रधान देश: यहां केवल एक बच्ची पर हमला नहीं बल्कि मानवता नैतिकता और सभ्य समाज के मूल्यों पर किया गया घोर प्रहार है! राष्ट्रीय सद्भावना ग्रुप इस जघन्य अपराध की कड़े शब्दों में निन्दा करता है। आए दिन हम समाचारों में देख रहे हैं कभी एक वर्ष तो कभी 6 माह के बच्चे के साथ अपराधी बलात्कार जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे अब सरकार नींद से जागे मासूम बच्चों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए तत्काल फांसी का प्रावधान किया जाए।
किसी भी प्रकार की नमी स्वीकार नहीं हो सकती: ऐसे मामलों में कानून के अनुसार तीव्रता निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि पीड़ित को शिघ्र न्याय मिले और समाज में यह संदेश जाए की ऐसे अपराधों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। जिस प्रकार अपराधियों ने अपराध किया सोच कर ही दिल कांप उठता है। पीड़िता परिवार से पूछो क्या हाल होंगे परिवार को सुरक्षा प्रदान करें। समाज के प्रत्येक नागरिक महिला और बच्चों की सुरक्षा तथा सम्मान के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ सरकार आगे आए।
कड़े कानून की मांग अपराधियों की रोकथाम के लिए जागरूक समाज सामाजिक संस्थाएं जिम्मेदारी के साथ आगे आए, सिर्फ नारी बचाओ बेटी बचाओ जैसे नारे लिखने से नहीं कड़े कानून से बचा पाएंगे। इस देश की बेटी को न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है। राष्ट्रीय सद्भावना ग्रुप मुर्तजा हामिद ईज्जी आलोट।

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