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Home » मध्यप्रदेश » रिश्वतखोरी चरम पर: आईडी पर जमीन चढ़ाने के नाम पर भी घूस

रिश्वतखोर पटवारी रंगे हाथों गिरफ्तार: फार्मर आईडी पर जमीन चढ़ाने के नाम पर मांगी थी 2 हजार की घूस।

धार। सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों में धांधली कर किसानों की लाचारी का फायदा उठाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों पर लोकायुक्त पुलिस की गाज लगातार गिर रही है। ताजा मामले में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने झाबुआ जिले के पेटलावद स्थित उप तहसील सारंगी में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी किसान की जमीन को ‘फार्मर आईडी’ पर दर्ज करने के बदले में रिश्वत की मांग कर रहा था।

लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सफल ट्रैप कार्रवाई गुरुवार, 30 जुलाई गुरुवार को सारंगी उप तहसील कार्यालय के मीटिंग हॉल (झाबुआ) में अंजाम दी गई। शिकायतकर्ता पुनिया भूरिया (58 वर्ष), निवासी मोतापाड़ा मोहनपुरा, ने 24 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित किसान की कृषि भूमि के 6 सर्वे नंबरों में से 5 तो फार्मर आईडी पर दर्ज थे, लेकिन बचे हुए एक सर्वे नंबर को दर्ज करने के एवज में मोहनपुरा के पटवारी संजय अमलियार द्वारा 2,000 रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर लोकायुक्त इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि लेते हुए मौक़े पर धर दबोचा।

आरोपी पटवारी संजय अमलियार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप व्याप्त है। लोकायुक्त इंदौर ने आमजन से अपील की है कि यदि इंदौर संभाग में कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक तुरंत लोकायुक्त पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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