madhyabharat live

Sach Ke Sath

Home » मध्यप्रदेश » त्योहारी सीजन में अभूतपूर्व प्रबंधन: त्योहारों के दौरान सुगम रहा ट्रैफिक, पुलिस और प्रशासन की रणनीति रही सफल

त्योहारी सीजन में अभूतपूर्व प्रबंधन: त्योहारों के दौरान सुगम रहा ट्रैफिक, पुलिस और प्रशासन की रणनीति रही सफल

त्योहारी सीजन में अभूतपूर्व प्रबंधन: गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और चुनरी यात्रा के दौरान सुगम रहा ट्रैफिक, पुलिस और प्रशासन की रणनीति रही सफल।

धार। जिला मुख्यालय पर इस वर्ष गणेश चतुर्थी, शारदीय नवरात्रि, भव्य चुनरी यात्राओं और चल समारोहों के दौरान पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा तैयार किया गया विशेष ट्रैफिक प्लान पूरी तरह से सफल साबित हुआ। हर साल इन बड़े त्योहारों पर लगने वाले लंबे जाम और अव्यवस्था से इस बार शहरवासियों को बड़ी राहत मिली। मुख्य चौराहों से लेकर विसर्जन स्थलों और पूजा पंडालों तक ट्रैफिक का प्रवाह सुचारू बना रहा, जिससे श्रद्धालुओं और आम जनता दोनों ने राहत की सांस ली।
रूट डायवर्जन और वन-वे व्यवस्था ने दिखाई राह —
ट्रैफिक पुलिस विभाग द्वारा त्योहारों से पहले ही संवेदनशील और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की मैपिंग कर ली गई थी। गणेश उत्सव और नवरात्रि के प्रमुख दिनों में शहर के मुख्य बाजारों और झांकी स्थलों की ओर जाने वाले भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। इसके साथ ही, वैकल्पिक मार्गों (रूट डायवर्जन) को इस तरह से प्लान किया गया कि मुख्य सड़कों पर दबाव न बढ़े। संकड़े रास्तों पर वन-वे व्यवस्था लागू करने से वाहनों की कतारें नहीं लगीं।
भारी वाहनों और मालवाहकों पर रहा सख्त प्रतिबंध —
चुनरी यात्रा और विसर्जन चल समारोहों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात को प्राथमिकता देते हुए कड़े कदम उठाए थे। जुलूस और शोभायात्राओं के समय सड़क मार्गों पर कोयला, फ्लाई ऐश और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इस प्रतिबंध के कारण शहर के एंट्री पॉइंट्स पर जाम की स्थिति नहीं बनी और मुख्य मार्गों पर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार हो सका।
ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से हुई पल-पल की निगरानी —
कंट्रोल रूम से शहर के दो हजार से अधिक पंडालों, प्रमुख मंदिरों और विसर्जन घाटों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया, जिसमें ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ और ट्रैफिक के दबाव का आकलन कर तत्काल अतिरिक्त बल भेजा गया। चौराहों पर तैनात यातायात कर्मियों और वालंटियर्स के बीच वायरलेस सेट के जरिए पल-पल का समन्वय देखने को मिला।
अधिकारियों ने मैदान में उतरकर संभाला मोर्चा —
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा (SP) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं पारुल बेलापुरकर (AD SP), नगर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र सिंह भदोरिया (CSP) यातायात रक्षित निरीक्षक प्रेम सिंह ठाकुर (RI,T-1) और कलेक्टर सहित तमाम आला अधिकारियों ने खुद रात-रात भर सड़कों पर गश्त कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन घाटों और चुनरी यात्रा के मार्गों पर विशेष रूप से बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि कोई भी वाहन जुलूस के बीच में प्रवेश न कर सके।
जनता और आयोजन समितियों का मिला भरपूर सहयोग —
प्रशासन की इस सफलता के पीछे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजन समितियों का भी बड़ा योगदान रहा। समितियों द्वारा तय समय और निर्धारित रूट का पालन करने के कारण पुलिस को व्यवस्था बनाने में आसानी हुई। आम नागरिकों ने भी सोशल मीडिया और न्यूज़ के जरिए जारी किए गए ट्रैफिक एडवायजरी का पालन करते हुए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया।
“इस बार का ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि त्योहारों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। हमारी टीम ने हफ्तों पहले से इसकी प्लानिंग की थी। रूट डायवर्जन और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाने का फैसला बेहद कारगर रहा। शांतिपूर्ण और जाम-मुक्त त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी टीम और जनता बधाई की पात्र है।” उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साह वर्धन कर पुरस्कृत किया गया है — (पुलिस अधीक्षक धार, सचिन शर्मा)

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!