बदनावर/धार। घटना धार जिले के बदनावर तहसील की है, जहां पर एक छः साल की बालिका के हाथ में ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। जिसमें परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की गंभीर लापरवाही के द्वारा बालिका की मौत हुई है।
बताया जा रहा है कि बदनावर के निवासी धर्मेंद्र राठौर अपनी 6 साल की बालिका जियांशी को हाथ में फैक्चर होने के कारण जेटीपी (सरदार पटेल हॉस्पिटल) गांव पीटगारा में गुरुवार को लेकर गए थे। जहां पर डॉक्टरों ने उसके हाथ के फैक्चर का ऑपरेशन किया। जिसके दौरान बालिका की मौत हो गई। उसके बाद रेफर करने का बहाना करके वहां से भाग खड़े हुए। परिजनों ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया है कि गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से बालिका की मौत हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बालिका की मौत होने के बाद डॉक्टर ने बालिका को सीरियस बता कर उसे रतलाम रेफर कर दिया। जहां से एंबुलेंस चालक एंबुलेंस छोड़कर भाग गया और वहां के डॉक्टरों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। इसके उपरांत परिजन अपनी बाइक पर बालिका का शव लेकर बदनावर पहुंचे। बदनावर आने के बाद परिजन थाने पर पहुंचे व संबंधित अस्पताल व डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर आकाश मीणा सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ धारा 304 ए के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
मुख्यमंत्री को दिया परिजनों ने ज्ञापन —
बताया जा रहा है कि बुधवार को बदनावर आए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भी जियांशी के परिजनों ने एक आवेदन सोंपा है। जिसमें बताया गया है कि बच्ची पूर्णतः स्वस्थ थी। खेलकूद करते समय मात्र उसके हाथ में हड्डी फैक्चर हो गई थी। जिस पर डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन करना पड़ेगा वरना हड्डी टेढ़ी रह जाएगी। घरवालों की सहमति से डॉक्टर ने ऑपरेशन प्रारंभ किया। परिजनों के अनुसार डॉक्टर के द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद ही बच्ची की मौत हो गई थी।

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