सरदारपुर/धार। जीतेन्द्र जैन – मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा दसई के ऋणी मुन्नालाल पिता अमरसिंह राजपुत निवासी घटोदा को बैंक द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत रूपये 3 लाख 10 हजार रुपए का केसीसी ऋण प्रदाय किया गया था।
ऋण की नियमित अदायगी ना करने के कारण खाता एनपीए हो गया। बैंक के द्वारा कई बार समझाईस देने और अनुरोध करने के बावजूद ऋणी मुन्नालाल द्वारा ऋण अदा नहीं किया गया। तब बैंक के द्वारा वसूली हेतु न्यायालय में वैधानिक कार्यवाही की गयी जिसमे सरदारपुर न्यायालय द्वारा सुनवाई करते हुए ऋणी मुन्नालाल को ऋण ना चुकाने के आरोप में जेल भेज दिया।
प्रकरण में बैंक की और से एडवोकेट महेश तिवारी द्वारा पैरवी की गयी।
बैंक अधिकारियों का कहना है की बैंक द्वारा ऋणियों को ऋण चुकाने हेतु हरसंभव समझाईस दी जाती है, साथ ही समझौता योजनाओं के माध्यम से भी ऋण खाते के निपटान का प्रयास किया जाता है। इसके बावजूद ऋणियों द्वारा समय पर ऋण की अदायगी नहीं की जाती है। जिसके चलते बैंक द्वारा न्यायालय में वाद दायर किया जाता है।

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