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Enthusiasm shows that the image and effect of Shab-e-Malwa will change

Enthusiasm shows that the image and effect of Shab-e-Malwa will change

उत्साह बता रहा है, बदलेगी शब ए मालवा की तस्वीर और तासीर

इंदौर। (प्रदीप जोशी) इंदौर ऐसा शहर है जहां किसी भी बात पर उत्सव मनाया जा सकता है। त्योहारों का उत्सव, क्रिकेट सहित तमाम खेलों का उत्सव, यहां तक की स्वच्छता का भी उत्सव इंदौरियों ने मना डाला। इन दिनों पौधा रोपण का उत्सव चल रहा है। रेवती रेंज से उज्जैन रोड़ तक, सुपर कॉरिडोर से बिजासन तक, कॉलेजों के केम्पस से शहर के बाग बगीचों तक, पंचायतों से लेकर खेतों की मेढ़ तक जहां स्थान मिल रहा लोग उत्साह से पौधे लगा रहे है।

अभियान में शामिल होने का एक जुनून लोगों में नजर आ रहा है। हर समाज, हर विभाग संस्थाएं सिर्फ पौधा रोपण के काम में तल्लीन है। उत्साह की बानगी ऐसी कि एक छोटी बच्ची मिहिका ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर कैलाश विजयवर्गीय की पोस्ट पर पूछा कि क्या हम भी आपके साथ पौधा रोपण कर सकते है? इस पर विजयवर्गीय ने परिजनों का नंबर तलाश कर बच्ची से बात कर सहर्ष आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद लिवाने के लिए गाड़ी भेजेंगे, साथ में पौधा लगाकर फोटों भी खिचवाएंगे। बहरहाल इंदौर के इस अभियान की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है।

देश भर में वायरल हो रहे फोटो वीडियो :-

पौधारोपण के विश्व रिकार्ड बनाने वाले इस महा अभियान की चर्चा देश भर में होने लगी है। इंदौरियों के जुनून पर लोग चकित है। एक शहर में लोग एक साथ कैसे किसी अभियान को लेकर कैसे आंदोलित हो सकते है यह बात लोगों को विस्मय में डाले हुए है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्री विजयवर्गीय को व्यक्तिगत पत्र भेज कर सराहना की। देश के बड़े नेता खुद इंदौर आकर अभियान में हिस्सेदारी कर रहे है। पूरे देश में इंदौर के पौधारोपण की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल किए जा रहे है। एक कमेंट खास तौर पर होता है कि जब इंदौर में यह हो सकता है तो हमारे शहर में क्यों नहीं हो सकता। कई वीडियो में यह भी कमेंट है कि यह अभियान इंदौर ही नहीं पूरे देश में चलना चाहिए।

महाअभियान फिर भी कोई आपाधापी नहीं :-

बड़े आयोजनों और अभियानों में अक्सर देखने में आता है कि व्यवस्थाएं गड़बड़ा जाती है। बहुत सारे विभाग, समाज और संस्थाओं के शामिल होने से काम का बिखराव ज्यादा देखने में आता है। इस अभियान की खास बात यह है कि सब कुछ तयशुदा कार्यक्रम के तहत हो रहा है। पौधों की पर्याप्त संख्या है और उसी के अनुपात में गड्ढे भी हो रहे है। हर विभाग दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने में जुटा है। इसलिए कही कोई आपाधापी नजर नहीं आ रही। नेताओं, सेलिब्रिटीज के शामिल होने के बावजूद अव्यवस्थाएं नहीं फैल रही।

पूरे सप्ताह जारी रहेगा पौधारोपण :-

अभियान का औपचारिक शुभारंभ 6 जुलाई को पितृ पर्वत पर महामंडलेश्वर साधु-संतों के उपस्थिति में हुआ था। अगले दिन 7 जुलाई को रेवती रेंज, बिजासन रमणा सहित चिह्नित स्थानों पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी में विधिवत शुभारंभ हुआ। इन सभी स्थानों पर इस पूरे सप्ताह पौधारोपण जारी रहेगा। वन मंडल इंदौर के अनुसार महाअभियान के लिए चिह्नित लगभग 88 लोकेशन पर 27 लाख 59 हजार 83 से ज्यादा गड्ढे किए जा चुके हैं। हर दिन गड्ढों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

पौधारोपण के लिए चिन्हित स्थान :-

इंदौर के पितृ पर्वत, रेवती रेंज, बिजासन रमणा, उमरियाखुर्द गांव, असरावद गांव, सनावदिया गांव, असरावद खुर्द गांव, महू, मानपुर, आशापुरा गांव, भागीरथी पहाड़ी, चोरल, हातोद , सांवेर, राऊ, गौतमपुरा, देपालपुर सहित तालाबों की पाल पर, बीएसएफ परिसर, एपीटीएस, मूसाखेड़ी, एरोड्रम क्षेत्र, देवगुराडियां, पोलोग्राउंड, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के सभी सेक्टर, बरदरी, जाख्या-भांग्या, अल्फाबीटा, गामा पार्क के अलावा पालदा औद्योगिक इलाकों, रहवासी कालोनियों के उद्यान, जनपद पंचायतों, स्कूल-कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, रोड डिवाइडर, बड़ी लंबी और चौड़ी सडकों के दोनों तरफ जैसे स्थान चिह्नित किए गए है जहां पर 51 लाख पौधे लगाए जा रहे है।

पौधारोपण का लक्ष्य :-

वन मंडल – 22 लाख 67 हजार
नगर निगम – 15 लाख
हॉर्टिकल्चर – 5 लाख
जिला पंचायत – 3 लाख
विकास प्राधिकरण – 2 लाख
जिला उद्योग केंद्र – 1 लाख
महू नगर परिषद – 23 हजार 500
कालोनी सेल विभाग – 15 हजार 804
प्रदूषण नियंत्रण विभाग – 10 हजार
शहर के 80 स्कूल – 31 हजार 820
शहर के 80 समाज – 1 लाख से ज्यादा

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