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बांध का हिस्सा ढहा, 25 करोड़ की लागत से बने बांध पर घोटाले का आरोप

चुनार बांध मे सरकार के 50% कमीशन की पोल खुल रही है – विधायक प्रताप ग्रेवाल।

सरदारपुर/धार। वर्षा के चलते सरदारपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपलियाभान क्षेत्र में बने करीब 25 करोड़ की लागत से बना चुनार बांध के पाल पर बने स्लूज गेट की मिट्टी धंसने से करीब 10 फीट का गहरा गड्ढा हो गया।

यह खबर क्षेत्र के विधायकं प्रताप ग्रेवाल को मिली तो वें मौके पर पहुंचे। विधायक ग्रेवाल ने इस मामले में भाजपा सरकार को घेरा है। विधायक ने कहा कि 50 प्रतिशत के आरोप सत्य होते दिख रहे है, वही भाजपा सरकार ने कारम डेम के बाद चुनार बांध में भ्रष्टाचार किया है। इसकी जांच की जाना चाहिए। क्योंकि ग्रामीणों द्वारा बांध की पाल पर मिट्टी बहने की शिकायत अधिकारियों पूर्व मे भी की गई थी। इसके बावजूद कोई कार्य नहीं किया गया। इसके दुष्परिणाम से कच्ची मुरम का भंवर हो गया है, शासन प्रशासन लीपापोती में लगा है।

Part of the dam collapsed, allegations of scam on the dam built at a cost of 25 crores
Part of the dam collapsed, allegations of scam on the dam built at a cost of 25 crores

सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा ताबड़तोड़ जेसीबी के माध्यम से पाल हुए गड्ढे को भरने का प्रयास किया जा रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए थे। हालांकि वेस्टवियर से लगातार पानी के बहने चलते फिलहाल स्थिति सामान्य है।

दरअसल ग्राम पंचायत पिपलियाभान क्षेत्र में करोड़ो की लागत से पांच वर्ष पूर्व चुनार बांध का निर्माण किया गया था। क्षेत्र में दो दिन से वर्षा का दौर जारी है। ऐसे में चुनार बांध की पाल पर बने स्लूज गेट की मिट्टी बहने से गड्ढा हो गया है।

बांध का पानी तहसील के झाबुआ जिले की सीमाओं के लगे विभिन्न गांवों से माछलिया घाट जाता है। करीब 20 से 25 गांव बांध किनारे निवासरत है। सुबह बांध के चैकीदार ने बांध की पाल पर बने स्लूज गेट की मिट्टी बहने से गड्ढा होने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा। पाल पर मिट्टी धंसने से करीब 10 फीट गड्ढा हो गया। जिसे जेसीबी मशीन से भरा जा रहा है।

जनपद सदस्य सुरेश मसार ने बताया कि आज सुबह जैसे ही चौकीदार द्वारा इस बात की सूचना दी गई। वैसे ही अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें स्थिति से अवगत करवाया।

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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