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कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीद टीआई गोस्वामी का पार्थिव देह राजकीय सम्मान के साथ पहुंचेगा

कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद टीआई दिलीप पुरी गोस्वामी: एक जांबाज पुलिस अफसर की पूरी जीवन गाथा।

देवास/धार। मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे और गोस्वामी समाज के लिए 2 नवंबर 2026 की काल बनकर आई काली रात एक कभी न भरने वाला जख्म दे गई। अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने निकले देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी गोस्वामी ने कर्तव्य निभाते हुए वीरगति प्राप्त की। शराब माफिया के दुस्साहस का शिकार हुए इस जांबाज अफसर की शहादत से न सिर्फ पुलिस महकमा स्तब्ध है, बल्कि उनके गृह जिले धार में भी मातम पसरा हुआ है। आइए जानते हैं शहीद टीआई दिलीप पुरी गोस्वामी की पूरी ‘जन्म कुंडली’—उनका पारिवारिक सफर, कोरोना काल की वो बहादुरी जिसने उन्हें पहचान दी, और उस आखरी रात की पूरी दास्तान।
पारिवारिक पृष्ठभूमी (पारिवारिक परिचय)
शहीद दिलीप पुरी गोस्वामी मूल रूप से धार जिले की माटी के लाल थे। उनका पूरा जीवन परिचय और पारिवारिक जुड़ाव इस प्रकार है:
  • मूल निवास (पुश्तैनी गांव): धार जिले की सरदारपुर तहसील के अंतर्गत आने वाला बरमंडल गांव। इसी मिट्टी में उनका बचपन बीता और यहीं से उन्होंने देश सेवा का सपना देखा था।
  • ससुराल और वैवाहिक संबंध: उनका विवाह भी धार जिले में ही हुआ था। वे धार के प्रसिद्ध बाघ के महंत भगवान पूरी गोस्वामी जी के दामाद थे।
  • समाज में स्थान: दिलीप पुरी जी के इस आकस्मिक और दर्दनाक निधन से पूरे गोस्वामी समाज सहित धार और देवास जिलों में शोक की लहर है। उन्हें एक मिलनसार, धार्मिक और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रूप में जाना जाता था।
पुलिस करियर और कोरोना काल की वो जांबाजी
दिलीप पुरी केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं थे, बल्कि संकट के समय जनता के लिए मसीहा बनकर खड़े होने वाले अफसर थे।
  • महू में तैनाती: वे पूर्व में इंदौर जिले के महू में भी थाना प्रभारी (TI) रह चुके थे।
  • कोरोना काल के नायक: जब पूरा देश कोविड-19 महामारी की विभीषिका से जूझ रहा था, तब महू थाना प्रभारी के रूप में दिलीप पुरी ने अग्रिम पंक्ति (Frontline) पर रहकर कानून व्यवस्था संभाली और हजारों असहाय लोगों की मदद की। उनकी इस कर्तव्यपरायणता को आज भी महू की जनता याद करती है।
2 नवंबर की उस खौफनाक रात की पूरी कहानी
मुखबिर की सटीक सूचना और घेराबंदी:
2 नवंबर 2026 की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध शराब से भरा एक आयशर ट्रक (नंबर MP 43 H 4786) हरदा की ओर से आ रहा है। यह खेप इंदौर होते हुए गुजरात तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। देवास एसपी आदित्य मिश्रा के निर्देश पर कन्नौद, सतवास और खातेगांव पुलिस की 5 से अधिक टीमें हाईवे पर नाकाबंदी कर इस ट्रक का पीछा कर रही थीं।
डिवाइडर पर मौत का तांडव (रात करीब 2 बजे):
इंदौर-बैतूल हाईवे (नेमावर रोड) पर जब संदिग्ध ट्रक डिवाइडर के पास रुका, तो खातेगांव टीआई दिलीप पुरी अपने जवानों के साथ ड्राइवर को दबोचने के लिए आगे बढ़े। टीआई पुरी ने जैसे ही ड्राइवर को गाड़ी से नीचे उतरने को कहा, पकड़े जाने के डर से आरोपी ड्राइवर ने ट्रक को सीधे डिवाइडर पर चढ़ा दिया।
कुचलकर भाग निकला आरोपी:
इसी अफरा-तफरी और झूमाझटकी के बीच टीआई दिलीप पुरी का संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। बेरहम ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और ट्रक का पिछला पहिया टीआई पुरी के शरीर के ऊपर से गुजर गया।
अस्पताल में डॉक्टरों का 2 घंटे का संघर्ष:
हादसे में टीआई पुरी का काफी खून बह चुका था। उन्हें बेहद गंभीर हालत में तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की पूरी टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब दो घंटे तक लगातार सीपीआर (CPR) दिया और हर संभव वेंटिलेटर व आकस्मिक इलाज उपलब्ध कराया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, अत्यधिक चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
एक्शन में पुलिस: वाहन जब्त, माफिया नेटवर्क पर रडार
  • गाड़ी छोड़कर भागा ड्राइवर: वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर ट्रक को डिवाइडर पार कराकर दूसरी तरफ ले गया और संदलपुर इलाके में लावारिस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने अवैध शराब से भरे इस आयशर ट्रक को जब्त कर संदलपुर थाने में खड़ा करवा दिया है।
  • तड़के पहुंचे एसपी: घटना की भयावहता को देखते हुए देवास एसपी आदित्य मिश्रा तड़के करीब 3:30 बजे खुद ग्राउंड जीरो (खातेगांव) पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फरार ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की आधा दर्जन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
  • शराब माफिया का भंडाफोड़: शुरुआती जांच में इस काले कारोबार के पीछे हरदा के एक बड़े शराब तस्कर का नाम सामने आया है, जिसके तार देवास के स्थानीय तस्करों से जुड़े हुए हैं। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी में है।
अंतिम विदाई: कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद टीआई दिलीप पुरी गोस्वामी का परिवार खातेगांव पहुंच चुका है। पूरा मध्य प्रदेश पुलिस परिवार अपने इस जांबाज साथी को अश्रुपूरित आंखों से नमन कर रहा है।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई (प्रशासनिक निर्णय)
  • गार्ड ऑफ ऑनर: सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा शहीद टीआई दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और पुलिस विभाग द्वारा पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
  • पैतृक गांव रवानगी: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासनिक अमले ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को विदाई दी, जिसके बाद पार्थिव देह को उनके पुश्तैनी गांव बरमंडल (धार) के लिए रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

देवास पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा का आधिकारिक बयान

  • SIT (विशेष जांच टीम) का गठन: एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों की गहनता से जांच के लिए तत्काल एक एसआईटी (SIT) गठित कर दी है।
  • सख्त कार्रवाई का भरोसा: उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ अत्यंत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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