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Home » मध्यप्रदेश » 64 योगिनी मानसरोवर माता मंदिर जीरापुरा में उमड़ाआस्था का जन सेलाब

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मानसरोवर में डुबकी लगाकर की मां की आराधना।

धार। (कपिल पारीक) 64 योगिनी मानसरोवर माता मंदिर जीरापुर में आस्था का अंनूठा संगम देखने को मिला। यहां अष्टमी की रात से लगाकर नवमी की सुबह तक करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने तालाब में डूबकी लगाकर 64 योगिनी माता की पूजा आराधना की।

64 Yogini Manasarovar Mata Mandir Jirapura witnessed huge crowd of devotees

आपको बता दें कि जीरापुर वाली माता जी निमाड़ के लोगों की कुलदेवी के रूप में जानी जाती है। यही वजह है कि चैत्र नवरात्रि के दिनों में यहां समूचे निमाड़ क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माता की पूजा आराधना करते हैं। बीते दो दिनों से यहां हजारों श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी रहा। अष्टमी की रात में पूरी रात रात्रि जागरण कर माता की पूजा आराधना की गई। रामनवमी की सुबह मंदिर परिसर खचाखच भर गया था। दूर-दूर से लोगों ने मंदिर के सामने बने तालाब में डुबकी लगाकर पूजा पाठ की। नवरात्रि के नौ दिनों में करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर माता के दरबार में पुजन अर्चन किया।

इस बार तालाब में पानी भी लबालब भरा होने की वजह से श्रद्धालुओं ने खूब डूबी लगाई। कई श्रद्धालु लुनेरा से लगाकर जीरापुर तक पैदल भी पहुंचे। मालवा सेवा समिति द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें इंदौर एवं धार के प्रसिद्ध कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए माता जी के भजनों की प्रस्तुतियां दी थी। जिस पर हजारों श्रद्धालु झूम-झूम कर नाच रहे थे। मंदिर परिसर में मेला आयोजित हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने जमकर खरीददारी भी की।

64 Yogini Manasarovar Mata Mandir Jirapura witnessed huge crowd of devotees

खास खास —

रामनवमी की सुबह मंदिर परिसर खचाखच भरा हुआ था घंटो कतार में लग कर माता के दर्शन कर की आराधना।

चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर पूजा अर्चना की।

मालवा सेवा समिति द्वारा आयोजित भजन संध्या में कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को बांधे रखा।

मानसरोवर तालाब में पर्याप्त पानी होने से श्रद्धालुओं ने डुबकियां लगाई।

लुनेहरा से जीरापुर तक सैकड़ो श्रद्धालु पैदल चलकर आए।

निमाड़ की कुलदेवी के रूप में निमाड़ के लोग यहां पूजा करने आते हैं।

रात से लगाकर सुबह तक करीब 600 चार पहिया और 3 हजार से अधिक दोपहिया वाहन पहुंचे।

मंदिर परिसर में आयोजित मेले में लोगों ने जमकर की खरीदारी।

मानसरोवर तालाब में निमाड़ क्षेत्र के पिता पुत्र को एसडीआरएफ की टीम ने डूबने से बचाया।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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