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घरेलू गैस कनेक्शन गैस सिलेंडर रिफिल रू. 450 में मिलेगा

गैस सिलेंडर की बकाया राशि सरकार भरेगी, बहनों के खातों में डाली जायेगी राशि
आदेश जारी।

हितग्राही की पात्रता

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनांतर्गत गैस कनेक्शनधारी समस्त उपभोक्ता और गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना श्रेणी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत ऐसी लाड़ली बहनें जिनके स्वयं के नाम से घरेलू गैस कनेक्शन हैं इसके लिये पात्र होंगी। गैस सिलैंडर रिफिल के लिए अनुदान राशि पात्र कनेक्शनधारियों को एक सितम्बर, 2023 से देय होगी।

अनुदान राशि

पात्रताधारी उपभोक्ताओं को प्रतिमाह अधिकतम एक रिफिल पर अनुदान मिलेगा। पात्रताधारी उपभोक्ताओं को ऑयल कंपनी से रिफिल निर्धारित फुटकर विक्रय दर पर क्रय करना होगा। भारत सरकार द्वारा दिये गए समस्त अनुदान तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फुटकर विक्रय दर (रू. 450) को कम करने पर शेष राशि राज्य अनुदान के रूप में पात्रताधारी उपभोक्ताओं के आधार लिंक बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। घरेलू एलपीजी रिफिल की फुटकर विक्रय दर में परिवर्तन होने पर राज्य अनुदान भी परिवर्तित होगा।

हितग्राहियों की पंजीयन व्यवस्था

मुख्यमंत्री लाइली बहना योजना के पोर्टल पर ऐसी बहनों को पंजीयन किया जायेगा जो पूर्व से गैस कनेक्शनधारी है। ऐसी बहनें प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की भी लाभार्थी हो सकती है। पंजीयन का कार्य उन सभी केंद्रों पर किया जाएगा जहां मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का पंजीयन होता है।

 पंजीयन के लिए दस्तावेज की आवश्यकता

पंजीयन के लिये गैस कनेक्शन कंज्यूमर नंबर एवं एलपीजी कनेक्शन आईडी आवश्यक होंगे। मुख्यमंत्री लाइली बहना योजना का पंजीयन आईडी योजना अंतर्गत हितग्राहियों की पहचान का कार्य सभी ऑयल कंपनी से प्राप्त डेटा के आधार पर शासन दवारा भी किया जाएगा।

शासन की ओर से स्वतः पंजीकृत हितग्राहियों की जानकारी 25 सितंबर 2023 से पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी तथा समय-समय पर उसे अद्यतन किया जाएगा। संबंधित हितग्राही इस जानकारी को गैस कंज्यूमर नंबर/गैस कनेक्शन आईडी और लाडली बहना आईडी की सहायता से पोर्टल पर 25 सितंबर 2023 से देख सकेंगे।

कैसे होगी अनुदान गणना ?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी के लिए ऑयल कंपनी दूवारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन नंबर एवं उनके दवारा माहवार प्राप्त रिफिल का डाटा प्रतिमाह विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।

गैस रिफिल प्राप्तकर्ता उपभोक्ताओं को राशि रू. 450 में रिफिल उपलब्ध कराने के लिये देय अनुदान की गणना विभाग द्वारा की जायेगी। अनुदान राशि की गणना के बाद कुल राशि का भुगतान विभाग द्वारा संबंधित ऑयल कंपनी के बैंक खाते में किया जाएगा।

ऑयल कंपनी द्वारा उपभोक्ता के आधार लिंक बैंक खाते में अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा। ऑयल कंपनी द्वारा हितग्राहीवार अनुदान भुगतान की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यकतानुसार व्यवस्था में परिवर्तन किया जा सकेगा। चार जुलाई 2023 से 3 अगस्त 2023 तक गैस सिलेंडर रिफिल कराने वाले प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को भी अनुदान राशि का अंतरण इसी प्रक्रिया से किया जायेगा।

गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी के लिये गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत घरेलू गैस कनेक्शनधारी मुख्यमंत्री लाइ़ली बहना योजना अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों का आईडी डाटा ऑयल कंपनी को उपलब्ध कराया जायेगा।

ऑयल कंपनी दूवारा गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत जारी गैस कनेक्शन के डाटा का मिलान मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत पंजीकृत लाडली बहना के डाटा से किया जाएगा।

ऑयल कंपनी द्वारा गैर अंतर्गत कनेक्शनधारी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अंतर्गत पंजीकृत लाडली बहना के गैस कनेक्शन नंबर, प्राप्त रिफिल एवं भुगतान की गई राशि की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। उपरोक्त डेटा के आधार पर देय अनुदान की गणना विभाग द्वारा की जाएगी।

विभाग द्वारा गैर पीएमयूवाय में गैस कनेक्शनधारी लाड़ली बहना योजना अंतर्गत पंजीकृत लाइली बहनों के द्वारा रिफिल प्राप्त करने पर देय अनुदान की राशि का भुगतान उनके आधार लिंक बैंक खातों में किया जाएगा। आवश्यकतानुसार इस व्यवस्था में परिवर्तन किया जा सकेगा।

चार जुलाई 2023 से 3 अगस्त 2023 तक गैस सिलेंडर रिफिल कराने वाली गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत घरेलू गैस कनेक्शनधारी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत पंजीकृत लाडली बहनों को भी अनुदान राशि का अंतरण इसी प्रक्रिया से किया जायेगा।

शिकायत निवारण तंत्र

योजना अंतर्गत पात्रता रखने वाले हितग्राहियों को राज्य अनुदान का भुगतान में आने वाली कठिनाईयों एवं समस्याओं को दर्ज एवं निराकरण करने के लिये विभाग दवारा ऑनलाईन एप्लीकेशन बनाया जाएगा। इस एप्लीकेशन पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिये विभाग द्वारा व्यवस्था की जाएगी।

राज्य स्तरीय मानीटरिंग

योजना के क्रियान्वयन के लिये खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग नोडल विभाग होगा। मैदानी स्तर पर कलेक्टर के निर्देशन में विभागीय अमले द्वारा योजना की मॉनीटरिंग की जाएगी। राज्य स्तर पर मानीटरिंग के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें ऑयल कंपनी के अधिकारी भी सम्मिलित होंगे। हितग्राहियों के पंजीयन कार्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अमले का सहयोग प्राप्त किया जाएगा।

गैस कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को राशि रू. 450 में रिफिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था का प्रत्येक स्तर पर विभिन्न माध्यम से जानकारी दी जायेगी। प्रत्येक गैस एजेन्सी, स्थानीय निकायों एवं उचित मूल्य दुकानों पर पात्र हितग्राहियों को देय अनुदान की सूचना प्रदर्शित कराई जाएगी।

ऑयल कंपनी से प्राप्त डाटाबेस के आधार पर वर्णित प्रक्रिया अनुसार पात्र हितग्राहियों को अनुदान का भुगतान होगा, भले ही उनका पृथक से पंजीयन न हुआ हो। हितग्राही डाटाबेस में विसंगति, अगर हो तो उसका यथोचित निराकरण 

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