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Home » मध्यप्रदेश » नियमों को ताक पर रखकर हो निर्माण, पहली ही बारिश खुल जाएगी भ्रस्टाचार की पॉल

इंजीनियर व जनप्रतिनिधि का अजीब जवाब बोले- “पेवर्स रोड से ऊंचे रखे तो वाहनों से टूट जाएंगे”, राहगीरों की सुरक्षा दांव पर।

सरदारपुर/धार। (भावना – सचिन बैरागी): – नगर परिषद सरदारपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 12 में पंचमुखी चौराहे से लाला चौपाटी तक कराए जा रहे नाली निर्माण और पेवर्स ब्लॉक फिटिंग कार्य में सिविल इंजीनियरिंग के तकनीकी मापदंडों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पूर्व से निर्मित सीमेंट कंक्रीट रोड, जिस पर हाल ही में डामर की परत चढ़ाई गई है, उसके समीप बन रही इस नाली और रोड के बीच के खाली हिस्से में ठेकेदार द्वारा बिना किसी तकनीकी तालमेल के पेवर्स लगाए जा रहे हैं। यह लापरवाही भविष्य में लाखों की लागत से बनी सीमेंट क्राकिट रोड पर डामर की चढ़ी परत को पूरी तरह बर्बाद कर देगी।

इंजीनियर और जनप्रतिनिधि का हैरान करने वाला जवाब:-

इस संबंध में जब जागरूक नागरिकों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगर परिषद के उपयंत्री से चर्चा की और पेवर्स को रोड से ऊपर रखने की मांग की ताकि राहगीर उस पर सुरक्षित चल सकें, तो उपयंत्रीऔर जनप्रतिनिधि ने बेहद अजीब और गैर-तकनीकी जवाब दिया। उनका कहना है कि यदि पेवर्स को रोड से ऊंचा लगाया गया, तो वाहनों के पहिए चढ़ने से पेवर्स टूट जाएंगे, इस कारण लेवल में लगाए ताकि रोड की चौड़ाई बढ़ जाए।

क्या कहते हैं तकनीकी नियम :

इंजीनियरिंग विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क और नाली के बीच का यह हिस्सा फुटपाथ के लिए होता है। इसे जानबूझकर मुख्य सड़क से 6 से 8 इंच ऊंचा रखा जाता है और किनारे पर कंक्रीट का मजबूत बॉर्डर लगाया जाता है, ताकि गाड़ियां फुटपाथ पर न चढ़ें और पैदल चलने वाले राहगीर सुरक्षित रहें। पेवर्स का टूटना उसकी ऊंचाई पर नहीं, बल्कि उसकी घटिया निर्माण सामग्री कम मोटाई और कम ग्रेड पर निर्भर करता है। अधिकारियों का यह जवाब केवल ठेकेदार की गलती पर पर्दा डालने जैसा है।

जलभराव से उखड़ जाएगी डामर की परत:

वर्तमान में पेवर्स का लेवल पुरानी सीमेंट क्राकिट रोड पर चढ़ी डामर परत और नाली के बिल्कुल बराबर रखा जा रहा है। कंक्रीट के ऊपर बनी डामर की चढ़ी परत पर इस तरह से बराबर लेवल करने से बारिश का पानी नाली में जाने के बजाय कांक्रीट रोड पर चढ़ी डामर और पेवर्स के जोड़ों पर जमा होगा। पानी बैठते ही ऊपर की पूरी डामर की परत पपड़ी बनकर उखड़ जाएगी और सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाएगी। साथ ही बिना ‘कर्व स्टोन’ के डामर के नाजुक किनारे भी कटने शुरू हो सकते हे।

उच्चाधिकारियों से शिकायत की तैयारी:

नगर वासियों का कहना है कि जिम्मेदार इंजीनियर द्वारा ठेकेदार की इस बड़ी लापरवाही का बचाव करना समझ से परे है। सरकारी राशि का यह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिक अब इस मामले की लिखित शिकायत नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, जिला कलेक्टर और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों से करने जा रहे हैं, ताकि मौके पर चल रहे इस त्रुटिपूर्ण कार्य की जांच हो सके।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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