नई दिल्ली | देश के लाखों अभिभावकों की जेब पर हर साल ‘कमीशन’ का जो बोझ प्राइवेट स्कूल डालते थे, अब उस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ‘हंटर’ चला दिया है. स्कूलों में भारी-भरकम और महंगी किताबों के सिंडिकेट को तोड़ते हुए आयोग ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है.
NHRC ने साफ कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर ‘अकादमिक भेदभाव’ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बड़ा सवाल: जब NCERT है, तो प्राइवेट पब्लिशर्स की ‘चांदी’ क्यों?
NHRC ने इस मामले में एक गंभीर संवैधानिक सवाल खड़ा किया है, जिसने शिक्षा जगत में खलबली मचा दी है:
- भेदभाव क्यों: आयोग ने पूछा कि सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम और किताबें क्यों हैं? क्या यह छात्रों के साथ अकादमिक भेदभाव नहीं है?
- मानक पुस्तकों की अनदेखी: जब देश में SCERT और NCERT जैसी संस्थाएं बेहतरीन और मानक पुस्तकें तैयार करती हैं, तो प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?
प्रियंक कानूनगो की बेंच का ‘कड़ा रुख’, शिक्षा मंत्रालय से मांगा जवाब
यह पूरी कार्रवाई नमो फाउंडेशन की उस शिकायत के बाद हुई है, जिसमें स्कूलों और पब्लिशर्स के बीच ‘कमीशन के खेल’ का पर्दाफाश किया गया था.
- राज्यों को नोटिस: एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी राज्य सरकारों को नोटिस थमा दिया है.
- मंत्रालय तलब: आयोग ने केवल राज्यों पर ही नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भी जवाब देने के लिए तलब किया है.
अभिभावकों को मिलेगी राहत?
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निजी स्कूल महज मोटे कमीशन के चक्कर में अभिभावकों पर खास पब्लिशर्स की महंगी और वजनदार किताबें खरीदने का दबाव बनाते हैं.
“शिक्षा व्यापार नहीं है. अगर मानक पुस्तकें उपलब्ध हैं, तो निजी स्वार्थ के लिए अभिभावकों पर बोझ डालना मानवाधिकारों का उल्लंघन है.” — आयोग का कड़ा संदेश
मध्यभारत live – विश्लेषण: अगर आयोग की यह पहल रंग लाती है, तो आने वाले सत्र से प्राइवेट स्कूलों में भी NCERT की सस्ती और गुणवत्तापूर्ण किताबें अनिवार्य हो सकती हैं, जिससे मिडिल क्लास परिवारों को हजारों रुपये की बचत होगी.


संबंधित समाचार ---
कौन हैं प्रतीका? जिसे महाकुंभ में फेमस IIT बाबा अभय सिंह से हुआ प्यार, 8 महीने की दोस्ती के बाद शादी
कच्चे तेल की कीमतों में मचेगी खलबली! इजरायल-ईरान की जंग से निवेशकों में डर!
जानलेवा मजाक, मामूली बहस के बाद युवक ने पेट्रोल पंप पर लगा दी आग