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There was commotion at the spot, villagers were furious, and had to return back.

There was commotion at the spot, villagers were furious, and had to return back.

मौके पर मचा हड़कंप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश, उलटे पांव वापस लौटना पड़ा

धार। जिले के धामनोद अंतर्गत ग्राम पंचायत बेगंदा में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक और पुलिस टीम की कार्रवाई के दौरान एक गंभीर हादसा हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम:
  • कार्रवाई का विरोध: नर्मदा परिक्रमा आश्रम के पास आबादी/शासकीय भूमि पर बने मकानों को हटाने के लिए धरमपुरी तहसीलदार, एसडीओपी और धामनोद थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे।
  • जहर खाने की घटना: प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए पीड़ित परिवार के देवर और भाभी ने कथित तौर पर जहर खा लिया।
  • अफरा-तफरी और टीम की वापसी: इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया, जिसके चलते प्रशासनिक और पुलिस अमले को कार्रवाई बीच में ही रोककर वहां से रवाना होना पड़ा।
  • परिजनों का आरोप: प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई से मात्र 24 घंटे पहले नोटिस दिया गया था और उनके पास वैध पट्टे भी मौजूद हैं, जिसके बावजूद बरसात के मौसम में उनके मकान तोड़ दिए गए।

जहर खाने वाले दोनों व्यक्तियों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है और इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
🏥 अस्पताल की अपडेट (मरीजों की स्थिति)
  • अस्पताल में भर्ती: कार्रवाई के विरोध में जहर खाने वाले देवर और भाभी को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत धामनोद के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
  • गंभीर हालत: दोनों पीड़ितों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर निगरानी रख रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी पीड़ितों के परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है।

⚖️ पीड़ितों और ग्रामीणों का आरोप
  • पट्टे के मकान होने का दावा: पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनके पास उस जमीन के वैध पट्टे मौजूद हैं, इसके बावजूद प्रशासन उनके आशियाने तोड़ने पहुंच गया।
  • 24 घंटे का नोटिस: ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत ने 20 सितंबर को शाम 4 बजे नोटिस दिया और उसके ठीक अगले ही दिन 21 सितंबर को सुबह 11 बजे भारी पुलिस बल के साथ मकान तोड़ने पहुंच गए।
  • बरसात में बर्बरता: पीड़ित परिवार का कहना है कि इस जारी बारिश (बरसात) के मौसम में बिना पर्याप्त समय दिए उनके घरों को ढहा दिया गया, जिससे वे बेघर हो गए हैं।

👮 प्रशासनिक टीम और वर्तमान स्थिति
  • मौके पर मौजूद अधिकारी: इस अतिक्रमण विरोधी मुहिम का नेतृत्व धरमपुरी तहसीलदार अंजली गुप्ता, एसडीओपी मोनिका सिंह, और धामनोद थाना प्रभारी संतोष यादव कर रहे थे।
  • कार्रवाई स्थगित: देवर-भाभी द्वारा जहर खाने की आत्मघाती घटना के बाद मौके पर मचे हड़कंप और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए प्रशासनिक अमले को कार्रवाई बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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