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Sach Ke Sath

चुनाव से पहले नेताजी के घोषणापत्र में किए वादे पूरे कब होंगे?

क्या हुआ तेरा वादा कहां गया तेरा विकाश का इरादा।

सरदारपुर/धार। तहसील की सबसे बड़ी पंचायत होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है रिंगनोद। विकास के नाम पर रिंगनोद की जनता से वोट तो नेताओं के द्वारा ले लिए जाते हैं लेकिन चुनाव के पहले किए वादे चुनाव के बाद पूरे नहीं होते। रिंगनोद की जनता को कई बार विकास के नाम पर ठगा जा चुका है। कितने ही सरपंच आकर रिगनोद पंचायत की सूरत बदलने का सपना दिखाते आए हैं, लेकिन रिंगनोद का विकास का सपना साकार नहीं हो पाया है। 1 वर्ष पूर्व ही हुए ग्राम पंचायत चुनाव में नए सरपंच के उम्मीदवारों ने भी रिंगनोद के विकास के वादे तो जनता से खूब किए लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी जनता से किए वादे पूरे नहीं हो पाए।

When will the promises made in Netaji's manifesto before the elections be fulfilled?

विकास के लिए तरस रही रिंगनोद की जनता

चुनाव जीतने के लिए नेता जी ने वादे तो खूब किए सरपंच बन जाने के बाद उन वादों को निभाना भूल गए। रिंगनोद नगर की एक अपनी एक विशेष पहचान है रिगनोद को मिनी अमेरिका के नाम से भी जाना जाता है। रिंगनोद आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। रिंगनोद की मुख्य समस्या पानी की रही है। पंचायत चुनाव के वक्त जीते हुए प्रत्याशी द्वारा पानी की समस्या का हल करने का वादा किया गया था लेकिन 1 वर्ष पश्चात भी यह वादा पूरा नहीं हो पाया है।

When will the promises made in Netaji's manifesto before the elections be fulfilled?

बारिश के मौसम में भी रिंगनोद के कई लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का वादा भी जीते हुए सरपंच साहब के द्वारा पूरा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। शिक्षा व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। ज्यादातर लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर है क्योंकि शासकीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं हो पाया है। चुनाव के समय रिंगनोद के हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का वादा किया गया था, फिलहाल तो यह वादा भी खोखला साबित हो रहा है नगर रिंगनोद के कोई भी चौराहे पर किसी भी प्रकार से कोई कैमरा लगा हुआ नजर नहीं आता है। लगता हे वादा सिर्फ जनता का वोट हासिल करने के लिए किया गया था। आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाने का भी वचन दिया गया था लेकिन अब तक किसी गरीब को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

When will the promises made in Netaji's manifesto before the elections be fulfilled?

लगता है झूठे सपने दिखाकर वोट हासिल कर लिया?

रिंगनोद की जनता से पंचायत चुनाव के पूर्व जिस प्रकार से वादों की झड़ी लगाकर वोट हासिल किया गया उससे तो साफ जाहिर होता है, कि झूठे वादों की बुनियाद पर रिंगनोद की जनता को ठगा गया है। सरपंच के 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं रिंगनोद की जनता को नसीब नहीं हो पा रही। कई ऐसे वादे किए गए थे जिसके वजह से रिंगनोद की जनता ने वर्तमान सरपंच को वोट किए थे ताकि रिंगनोद का विकास हो सके लेकिन वह विकास का वादा खोखला साबित हो रहा है। देखने वाली बात यह है कि आने वाले समय में रिंगनोद की जनता से किए वादे पूरे होते हैं या नहीं।

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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