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पिछड़ा वर्ग की सूची में ”दामोदर दर्जी” सम्मिलित करने के मसौदे पर लगी

खबर का असर : पिछड़ा वर्ग की सूची में ”दामोदर दर्जी” सम्मिलित करने के मसौदे पर लगी मुहर, फैसला आना बाकी।

भोपाल में आयोजित हुई राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जन सुनवाई में समाज की पहल को मिला समर्थन।

भोपाल। पिछड़ा वर्ग आयोग की सूची में क्र. 19 दशाई गई दर्जी जाति के कॉलम में जल्द ही ”दामोदर दर्जी” को जोड़ा जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अखिल भारतीय दामोदर वंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज के मसौदे को सही माना है और उस पर मुहर लगा दी है, अब इंतजार सिर्फ फैसले के आने का है। बता दें कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 30 सितंबर, 2023 को आयोजित राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई में दामोदर वंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज के पूर्व ट्रस्टी एवं सम्पादक अनमोल ज्ञान सुरेश परमार एवं श्री टेकचंद जी महाराज कड़छा ट्रस्ट की ओर उपस्थित प्रतिनिधिमण्डल ने आयोग के समक्ष दामोदर दर्जी को राज्य और केन्द्र की पिछड़ा वर्ग सूची में नाम जोड़ने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत किया।

जन सुनवाई में उपस्थित राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों ने ट्रस्ट की वर्षों से लंबित इस मुहिम पर सहमति जताई है और जल्द‍ ही दामोदर दर्जी का नाम पिछड़ा वर्ग की सूची में जोड़े जाने की सैद्धांतिक सहमति दी है, अब केन्द्र की ओर से इस पर फैसला आना बाकी है।

2014 से शुरू की थी मुहिम

वर्ष 2014 से समाज की मांग थी की अन्य पिछड़ा वर्ग की मध्य प्रदेश की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 19 पर दर्शाए गए दर्जी के कॉलम में नामदेव छिपा, छिपी, शिवी, मावी के साथ-साथ दामोदर दर्जी का नाम भी शामिल किया जाए और साथ ही केंद्र की राष्ट्रीय सूची में भी यह नाम शामिल होना चाहिए इस पहल के लिए अनमोल ज्ञान एवं ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी सुरेश परमार द्वारा अथक प्रयास किए गए जिसका नतीजा 30 सितंबर की हुई जनसुनवाई में देखने को मिला।

अब ऐसी आशा व्यक्त की जा रही है की राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा इस मसौदे पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाएगा और दामोदर वंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज के समाजबंधुओं के हित में नाम पृथक से दामोदर दर्जी के रूप में जोड़ा जाएगा। आपको यह भी बता दे कि 2014 से शुरू की गई यह मुहिम धीरे-धीरे अब रंग ला रही है क्योंकि इस मुहिम के दौरान ट्रस्ट और अनमोल ज्ञान की ओर से राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक और विभिन्न विभागों के मंत्रियों से लेकर सांसदों तक पत्राचार किया गया उसका नतीजा यह निकला की केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने ज्ञापन को गंभीरतापूर्वक लिया और ट्रस्ट और अनमोल ज्ञान की इस मुहिम को दिल्ली ले जाया गया, अब इसका निष्कर्ष आना बाकी है।

आयोग के अध्यक्ष, मंत्री, सांसद एवं विधायक ने गंभीरता से सुनी समाज की बात।

30 सितंबर को आयोजित हुई अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई में शामिल होने दिल्ली से आए अन्यर पिछड़ा वर्ग आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर मुख्य रूप से शामिल हुए। इनके अलावा जन सुनवाई मध्यप्रदेश शासन के अन्य पिछड़ा विभाग के मंत्री राम खिलावन पटेल, सतना सांसद गणेश सिंह, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यो भुवन भूषण कमल, विधायक प्रदीप पटेल समेत विभागीय एवं आयोग के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

आयोग के समक्ष समाज की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी एवं समाजबंधुगण उपस्थित हुए, जिनमें देवीप्रसाद सोलंकी, दिनेशचन्द्र सोलंकी, महेश माहेश्वरी, सुरेश परमार, सुरेश मेहता और शरद बाघेला ने जनसुनवाई में आयोग को ज्ञापन सौंपा।

संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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