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सहायक आयुक्त ने भी थमाया हेडमास्टर को नोटिस, मान रहे स्टाफ, हेडमास्टर को अनुपस्थित

संकुल प्राचार्य ने किया हाजिरी रजिस्टर वापस।

धार। (राकेश साहू) शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 4 के हेडमाड़साब लोकेंद्र सिंह राठौड़ को सहायक आयुक्त ने कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिवस में जवाब तलब किया है। नोटिस में सीएम राइज मुख्यशाला से खुद के विद्यालय को स्वतंत्र घोषित किया जाकर संकुल केंद्र क्रमांक 2 में खुद की मनमर्जी से विलय मानकर संचालित करने और स्टाफ सहित स्वयं के हस्ताक्षर सीएम राइज मुख्यशाला की पंजी में न करने एवं प्राचार्य सीएम राइज शाला के निर्देशों को न मानने पर यह कारण बताओ सूचना पत्र दिया गया है। कारण बताओ सूचना पत्र के बाद लोकेंद्र सिंह राठौड़ और माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 4 के स्टाफ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी क्योंकि नोटिस अनुसार यह प्रमुख सचिव व आयुक्त आदिवासी विकास विभाग भोपाल के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है।उधर संकुल प्राचार्य ने अपने कार्यालय से मा वि क्रमांक 4 का हाजिरी रजिस्टर क्रमांक 4 के शिक्षको को वापस कर दिया है। अब शिक्षको की हाजिरी संकुल अंतर्गत मान्य नही होगी।

ज्ञात हो कि प्रमुख सचिव राज्य शासन के आदेश से शहर की 11 शालाओं का विलय सीएम राइज विद्यालय में कर दिया गया है और उनके अधीन ही इन स्कूलों का प्रशासकीय नियंत्रण कर दिया गया है लेकिन लोकेंद्र सिंह राठौड़ ने पूर्व प्रधानाध्यापक दिनेश कुरकुरे के सेवानिवृत होने के बाद प्रधानाध्यापक का चार्ज मिलने पर स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया है और खुद के साथ-साथ स्टाफ को भी सीएम राइज शाला की उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है तथा खुद को संकुल केंद्र क्रमांक 2 के अंतर्गत बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के विलय मानकर मनमर्जी से आ जा रहा है । ऐसे में प्रधानाध्यापक और वहां के शिक्षक शिक्षिकाओं चपरासी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा कड़ी कार्यवाही की तैयारी की जा रही है। नोटिस का दिया जाना इसी कार्यवाही का प्रथम चरण है।

यह लिखा है नोटिस में—

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास द्वारा लोकेंद्र राठौड़ को जारी कारण बताओ सूचना पत्र में स्पष्ट लिखा है कि माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 4 का विलय प्रमुख सचिव एवं आयुक्त आदिवासी विभाग के आदेश के अनुसार सीएम राइज मुख्यशाला में किया गया है लेकिन 30 दिसंबर 2023 को पूर्व प्रधानाध्यापक दिनेश कुरकुरे के सेवानिवृत होने के उपरांत आपके द्वारा खुद को सीएम राइज मुख्यशाला से अलग घोषित कर सीएम राइज मुख्यशाला की उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं किये जा रहे हैं तथा स्टाफ को भी हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया है जो आपकी एवं स्टाफ की अनुपस्थिति को दर्शाता है। आपका यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल होकर कदाचार की श्रेणी में आता है, इस हेतु क्यों न आपके विरुद्ध मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियन्त्रण एवम् अपील नियम 1966 के अंतर्गत कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तवित की जाए। सहायक आयुक्त द्वारा तीन दिवस में उत्तर तलब किया गया है।पश्चात राठौड़ और समस्त स्टाफ के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

क्या हो सकतीं है कार्यवाही

प्रमुख सचिव, आयुक्त, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के आदेश निर्देशों को ना मानना कोई छोटी बात नहीं है। इसमें निलंबन जैसी बड़ी कार्रवाई की जाकर विभागीय जांच कायम की जा सकती है और जो शिक्षक नवनियुक्त होकर परिवीक्षा अवधि में है उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती। पूरा प्रकरण आयुक्त को भी भेजा जा रहा है।

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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